भांडेर । दुरसड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम कुआंखेरा में एक पति ने अपनी पत्नि के गले पर फावड़ा मारकर निर्मम हत्या कर दी। घटना शनिवार शाम की है। पत्नि के चरित्र पर शंका के चलते उसकी हत्या करने वाला पति घटना के बाद से फरार है। पुलिस ने आरोपित के भाई की सूचना पर मौके पर जाकर महिला का शव बरामद कर उसे पीएम के लिए भिजवाया। जानकारी के अनुसार भांडेर-उनाव मार्ग स्थित ग्राम कुआंखेरा निवासी अजमेर पुत्र राजाराम दोहरे का अपनी पत्नी शकुंतला से उसके चरित्र पर शंका को लेकर झगड़ा हो गया था। इसके बाद गुस्साएं पति ने शकुंतला के गले पर फावड़े से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद अजमेर मौके से भाग गया। अजमेर के बड़े भाई विक्रम ने शाम 6 बजे पुलिस को घटना की सूचना दी । सूचना पाते ही दुरसड़ा थाना प्रभारी उदयप्रताप सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं मृतका शकुंतला का क्षत-विक्षित शव और घटना में प्रयुक्त फावड़ा पुलिस ने बरामद कर शव पीएम के लिए भांडेर पहुंचाया। लेकिन रात हो जाने के चलते रविवार सुबह डॉ. आरएस परिहार ने शव का पीएम किया। पीएम के बाद मृतका के परिजनों को पुलिस ने शव सौंप दिया। इसका अंतिम संस्कार कोरोना वायरस के चलते एहतियातन सीमित लोगों की उपस्थिति में गांव के मुक्तिधाम पर कर दिया गया। आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने कुछ जगहों पर दबिश दी है। घटना के संबंध में थाना प्रभारी ने बताया, कि आरोपित अपराधी प्रवृत्ति का था। वहीं आरोपित हाल ही में सिविल लाइन थाना क्षेत्र में किसी मामले में वह जमानत पर छूटा था। इस दंपत्ति के दो संतानें हैं। इनमें बेटा 8 वर्ष और बेटी 6 साल की है। दोनों बच्चे घटना के समय गांव में कहीं गए हुए थे।
गांव की हरिजन बस्ती में रहने वाले लोगों के मुताबिक अजमेर का अपनी पत्नि से पिछले कुछ दिनों से कलह चल रहा था। घटना वाले दिन भी घर के बाहर इस दंपत्ति के बीच झगड़ा हुआ। वहीं पड़ोसियों ने हस्तक्षेप कर दोनों को शांत कर दिया। शाम साढ़े 5 बजे के लगभग ग्रामीणों ने अजमेर को हड़बड़ाहट में गांव से भागते देखा। उसके कपड़े पर खून के धब्बे भी दिख रहे थे। लोगों को आशंका हुई जब वे उसके घर पहुंचे तो अंदर शकुंतला को खून से लथपथ देखकर सभी हतप्रभ रह गए। बताया जाता है कि आरोपित के पिता को ससुराल पक्ष से जमीन मिली थी। इसके बाद से ही पूरा परिवार कुआंखेरा में रहने लगा। मूलतः यह पंडोखर के ग्राम चांदनी निवासी हैं। आरोपित अजमेर की शादी भी करीब 10 वर्ष पूर्व गोंदन के ग्राम तैडोंत निवासी मृतका शकुंतला से हुई थी।