यो-जनता कर्फ्यूः वरूण शर्मा की खबर का जोड़

ग्वालियर / ट्रेन से आ गए, घर पैदल जाना पड़ाः ट्रेन से ग्वालियर आने वालों को जनता कर्फ्यू के कारण रविवार को खासी परेशानी झेलना पड़ी। कोई ऑटो टेंपो की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग सामान लादकर घर तक पैदल ही पहुंचे। जिन लोगों को ट्रेन के बाद गांव तक बस का सफर करना था, वह तो रात भर बस स्टैंड पर ही बैठे रहे। सुबह जब आरटीओ ने मजदूरों को पहुंचाने के लिए बस का इंतजाम किया तो कुछ लोग इनमें ही शामिल हो गए।


बच्चे को दिखाने आए, लौटने का साधन नहीं:-जगदीश प्रसाद निवासी छतरपुर अपने बच्चे को डॉक्टर को दिखाने ग्वालियर आए थे। रविवार को सुबह जब वापस लौटने के लिए बस स्टैंड पहुंचे तो बसे बंद थी। ऐसे वह स्टैंड पर ही परिवार के साथ बैठ गए। जगदीश का कहना था कि यदि कोई साधन नहीं मिला तो उनको स्टैंड पर ही रात गुजारना पड़ेगी।


रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर सन्नााटाः-अधिकांश ट्रेनों को कैंसल कर दिया गया था। रविवार को केवल वही ट्रेनें पहुंची जो शनिवार को प्रारंभिक स्टेशन से रवाना हो गई थी। इनमें से भी काफी ट्रेनों में केवल 4-5 यात्री ही ग्वालियर में उतरे। इसके चलके स्टेशन पर सन्नााटा पसरा रहा है। केवल महाराष्ट्र से आने वाली ट्रेनों में ही भीड़ थी। इसी प्रकार की स्थिति बस स्टैंड पर भी थी। अब सभी ट्रेनें बंदः-कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए 31 मार्च तक सभी ट्रेनों को कैंसल कर दिया गया है। इस दौरान केवल मालगाड़ी का संचालन जारी रहेगा। जो ट्रेनें 22 मार्च को सुबह 4 बजे के पहले निकल चुकी हैं, वह जरूर अंतिम स्टेशन तक पहुंचेगी। इसमें झांसी से नई दिल्ली की तरफ जाने वाली केरला एक्सप्रेस, मंगला लक्ष्‌यदीप शामिल हैं। यूटीएस(मोबाइल टिकट) बुकिंग भी बंद कर दी गई है।


 

पार्सल फंसेः-जिन लोगों ने पार्सल की बुकिंग कराई थी, उनको ट्रेनें कैंसल होने से अब काफी इंतजार करना पड़ेगा। विशेष रूप से जिनका सामान पैसेंजर गाड़ियों से पहुंचना था। सूत्रों की मानें तो अब रेलवे यह भी विचार कर रहा है कि मालगाड़ी से कुछ पार्सल को पहुंचाने का इंतजाम किया जाए। हालांकि अभी इस मामले में कोई निर्णय नहीं हुआ है।