टेंडर सेल में गड़बड़ी, निगमायुक्त के आदेश पर भी नहीं हटाए कर्मचारी

ग्वालियर। प्रदेश में ई-टेंडर घोटाला खुलने के बाद नगर निगम ग्वालियर की टेंडर सेल में भी गड़बड़ियों का खुलासा हुआ था। निगमायुक्त संदीप माकिन ने कर्मचारियों को हटाने, विजिटिंग रजिस्टर रखने और सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए। अपर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव को लिखित में स्पष्ट आदेश थे कि इस पर तत्काल अमल किया जाए, लेकिन अब तक कर्मचारी नहीं हटाए गए हैं। उनका यह पहला मामला नहीं हैं। इससे पहले भी वे निगमायुक्त के आदेशों की धज्जियां उड़ाते रहे हैं। पार्षदों के लिए भी उन्होंने अपशब्द कहे थे। इस पर निगमायुक्त को परिषद के समक्ष माफी मांगना पड़ी थी।


सेल में अंदर-बाहर लगाना थे कैमरे


परिषद भंग होते ही मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पिछले दिनों फिर गड़बड़ी की शिकायत आला अफसरों तक पहुंची। आखिर निगमायुक्त ने 14 फरवरी को अपर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव को लिखित आदेश देते हुए निर्देश दिए कि वे सेल कक्ष में अंदर-बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। सेल में विजिटिंग रजिस्टर भी रखें। इस रजिस्टर पर सभी के हस्ताक्षर और सेल में आने का कारण भी लिखवाएं। चाहे निगम का ही अधिकारी, कर्मचारी क्यों न हो। विजिटिंग रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज के नियमित मिलान के भी निर्देश दिए गए। सेल में पदस्थ समस्त कम्प्यूटर ऑपरेटरों को तत्काल हटाकर दूसरे कर्मचारियों की पदस्थापना के आदेश थे।


 

परिषद में हुआ था हंगामा


टेंडर में छेड़छाड़ के कारण नगर निगम की टेंडर सेल दो साल से सुर्खियों में है। निगमायुक्त संदीप माकिन ने पद्भार लेने के बाद सेल के सभी कर्मचारियों को बदल दिया था। लेकिन जो पदस्थ किए गए उनकी गतिविधियां भी संदिग्ध बनी रहीं। इसी बीच वार्ड 21 में एक कार्य के टेंडर में छेड़छाड़ का मामला पकड़ में आया तो निगम परिषद में पार्षदों ने काफी हंगामा किया। सेल से सभी कर्मचारियों को हटाने का परिषद ने निर्णय भी लिया, लेकिन निगमायुक्त ने इस पर अमल नहीं किया। इस पर हंगामा भी हुआ।


 

दबाए रहते हैं घोटालों की शिकायत


अपर आयुक्त की कार्यप्रणाली शुरू से ही विवादित है। प्रशासन का प्रभार मिलते ही आठ माह पहले उन्होंने राजस्व विभाग में कुछ कर्मचारियों की अदला-बदली कर प्रमोशन तक कर दिया था। जबकि इसके लिए निगमायुक्त की सहमति लेना थी। मामले का खुलासा होने पर निगमायुक्त की नाराजगी के बाद आदेश निरस्त करना पड़ा था। भवन निर्माण मंजूरी तथा नियम विरुद्ध किए गए निर्माण को तोड़ने में लेन-देन की शिकायतों को भी वे दबाए रखते हैं।


इनका कहना है


टेंडर सेल में सीसीटीवी कैमरे लगवा रहे हैं। कर्मचारियों को भी जल्द हटा दिया जाएगा। नए कर्मचारियों को ट्रेनिंग के लिए भोपाल भेजा जाएगा।


संदीप माकिन, निगमायुक्त


-जांच के लिए भेजा पत्र


टेंडर में छेड़छाड़ की शिकायत को जांच के लिए भोपाल भेजा है। आयुक्त के आदेश पर भी अमल कर रहे हैं। कैमरे और रजिस्टर से सेल में आने-जाने वालों की मॉनीटरिंग करेंगे। आठ कर्मचारियों को भोपाल ट्रेनिंग के लिए भेजेंगे। इसके बाद वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को सेल से हटा देंगे।


राजेश श्रीवास्तव, अपर आयुक्त