भोपाल । मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय (विवि) में महिला दिवस के अवसर पर प्राध्यापकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने मिलकर कार्यक्रम आयोजित किया। विश्वविद्यालय के सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. जयंत सोनवलकर ने कहा कि नारी सृजनात्मक शक्ति का प्रतीक होने के साथ ही सनातन संस्कृति एवं परंपराओं की संवाहक होती हैं। आदिकाल से भारतीय संस्कृति में उनको काफी ऊंचा स्थान हासिल है। देवी अहिल्या बाई जैसी अनेक नारियों ने अपनी क्षमता के बूते समय-समय पर इसको प्रमाणित करने का कार्य किया है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता चित्रा सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को उत्सव की तरह मनाना चाहिए। स्त्री को सबका सम्मान करते हुए अपने अस्तित्व को बनाए रखना है। भारत में स्त्री पुरुष असमानता नहीं है, यहां प्राचीन काल से ही स्त्रियों के सम्मान और गरिमा को प्राथमिकता दी जाती रही है। इस दौरान निदेशक डॉ.एलपी झरिया, डॉ. विभा मिश्रा, डॉ. नीलम वासनिक, डॉ. एके त्रिपाठी, उप कुलसचिव अरुण चौहान, सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण मौजूद रहे।
सनातन संस्कृति एवं परंपराओं की संवाहक है नारी
• ANWAR KHAN