ग्वालियर / मंत्री पद व विधायकी से इस्तीफा देने के बाद शनिवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों ने भाजपा की सदस्यता भी ग्रहण कर ली है। यह लोग बेंगलुरू से दिल्ली पहुंचने के बाद भोपाल आ गए हैं। अब इनके परिजन व समर्थक घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। यह लोग भी घर लौटना चाहते हैं। लेकिन सिंधिया समर्थकों का कहना है कि यह लोग अब प्रदेश में नई सरकार के अस्तिव में आने के बाद ही गृहनगर लौटेंगें। नई सरकार के नवरात्रि के पहले दिन व हिंदू कलेंडर के नवसंत्सर पर शपथ ग्रहण करने की संभावना हैं।दूसरी तरफ कांग्रेस भी इनके आगमन पर घरों पर प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। 9मार्च को पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ज्योतिरादित्य सिंधिया का इशारा मिलते ही बगैर किसी को बताए दिल्ली पहुंच गए थे।यहां से इन्हें बेंगलुरू के रिसोर्ट ले जाकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया। सिंधिया समर्थक 6 मंत्री सहित 22 विधायकों के इस्तीफा देने के साथ ही कमल नाथ सरकार अल्मपमत आ गई थी। कांग्रेस नेताओं ने इन विधायकों की हर संभव कोशिश की। नाकाम होने पर विधानसभा में फ्लौर टेस्ट से पहले कमल नाथ इस्तीफा राज्यपाल को सौप दिया। शनिवार को इस्तीफा देने वाले मंत्री विधायक दिल्ली पहुंचे। जहां इन लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। यह लोग कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भोपाल पहुंच गए हैं। फिलहाल अधिकारिक रूप से कोई नहीं बता पा रहा है कि यह लोग कब अपने गृहनगर लौटेंगें। कोरोना के आतंक समाप्त होने पर सिंधिया समर्थन पार्टी छोड़ने वाले कांग्रेसी भी इन मंत्री व विधायकों को सार्वजनिक रूप से सम्मान कराने की योजना बना रहे हैं। मोबाइल अब भी स्विचडऑफ, नए नंबरों से परिवार व गिनती के लोगों के संपर्क में - प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी व मुन्नाालाल गोयल का मोबाइल नंबर अब भी स्विच्डऑफ है। यह लोग नए नंबर से परिवार व गिनती के लोगों के संपर्क में हैं। लॉक डाउन होने के कारण परिवार के लोग समर्थक भोपाल नहीं जा पा रहे हैं। सांलुुंके के साथ मारपीट- सिंधिया के समर्थन में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले विश्वानाथ सालुंके का घर के पास रहने वाले भूपेंद्र राजावत से काजल राजवात से विवाद हो गया। सांलुके ने बताया कि यह लोग सिंधिया के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर रहे थे। रोकने पर झगड़ा करने लगे। विश्वनाथ सालुंके एफआईआर दर्ज कराने के लिए बहोड़ापुर थाने पहुंच गए हैं।
प्रद्युम्न, इमरती व मुन्नालाल का शहर में लौटने का इंतजार, कांग्रेसी भी इनका विरोध करने की बना रहे रणनीति
• ANWAR KHAN