पड़ोसियों से करें बालकनी से बात, बच्चों को न देखने टीवी पर कोरोना से जुड़ीं खबरें

ग्वालियर । कोरोना वायरस के डर से ग्वालियराइट्स अपने-अपने घरों में सिमट गए हैं। बच्चे, बूढ़े और जवान वायरस से बचने के लिए हर तरह के जतन कर रहे हैं। बार-बार हाथ सैनिटाइज कर रहे हैं, छींक आने पर मुंह पर रुमाल लगाकर रहे हैं, इतना ही नहीं थोड़े से काम के लिए अगर घर से बाहर निकलते हैं तो मुंह पर मास्क लगा रहे हैं। लेकिन इस बीच वे थोड़े से बोर भी रहे हैं, क्योंकि लंबे समय तक वे घर में कभी भी कैद नहीं हुए। काउंसलर डॉ. मुकेश चंगुलानी ने बताया कि वायरस ने अपनों के करीब आने का मौका दिया है। अधिकतर परिवारों की पड़ोसियों से खटपट रहती हैं, वे उनसे मिलें तो नहीं, मगर फोन या फिर बालकनी से खड़े होकर बात कर सकते हैं। हालांकि शहर के कुछ ऐसे सदस्य भी हैं, जो समाज की जरूरत हैं और उन्हें हर हाल में ऑफिस जाना पड़ रहा है। यहां विशेषज्ञ की मदद से 'सिटी लाइव' आपको बता रहा है कोरोना के डर के बीच जिंदगी को व्यवस्थित करने के आसान तरीके।


 

घर से काम कर दे सकते हैं अपना बेस्ट


अपने दिन की शुरूआत वैसे ही करें, जैसे ऑफिस जाते हुए करते रहे हैं। तय वक्त पर नहाएं, लगभग वैसे ही कपड़े पहन लें, जैसे ऑफिस जाते हुए पहनते हैं। इससे आप दिमागी रूप से काम करने के लिए तैयार हो जाते हैं। साथ ही अगर ऑफिस से कोई वीडियों कॉल आता है तो भी आप सहज रहेंगे। हालांकि जिन्हें फॉर्मल कपड़े पहनने की बंदिशें नहीं हैं, वे जींस टी- शर्ट से कुछ आरामदायक भी पहन सकते हैं।


 

अपने काम करने के घंटे वहीं रखें, जो ऑफिस डेज में होते हैं। इससे टीम के बाकी लोगों के साथ जरूरत पड़ने पर आप हाजिर रह पाएंगे। अपने टीम मैनेजर और टीम के साथ संपर्क में रहें ।


पार्टनर के साथ ऐसे बनाए रिश्ते अच्छे


अचानक से ऐसा वक्त आ गया है, जब पति- पत्नी और बच्चे एक साथ लंबे समय के लिए घर पर हैं। ये प्लांड छुटिट्यां भी नहीं हैं। साथ ही ऑफिस की तरफ से परफॉर्मेंस का भी प्रेशर है। इससे भी बड़ी बात है बड़े लेवल पर पैदा हुआ डर। हेल्थ से लेकर इकॉनमी तक को लेकर लोग परेशान हैं। इन सबसे चिड़चिड़े और बेसब्र हो रहे हैं। जाहिर है, रिश्तों पर भी असर दिख रहा है। यह बात दोनों पार्टनर को समझनी होगी कि जैसे ही हमारी आजादी कम होती है, हमारे अंदर गुस्सा और फ्रस्ट्रेशन आने लगता है। आज के डर, बैचेनी और अफरा-तफरी के माहौल में एक दूसरे को थोड़ी छूट देनी है। यह मौका सामने आई बड़ी समस्या से मिलकर लड़ने का है।


एक-दूसरे के साथ मिलकर रुटीन तय करें। दिन की शुरूआत हल्की- फुल्की एक्सरसाइज से करें। साथ ही प्राणायाम और मेडिटेशन जरूर करें। इससे मन शांत रहेगा और आप आजकल के माहौल का बेहतर तरीके से सामना कर पाएंगे। आप पार्क नहीं जा सकते तो बालकनी में ही थोड़ी देर बैठकर ताजा हवा लें। हो सके तो कुछ देर धूम में जरूर बैठें। इससे मन से नकारात्मक भाव कम होता है।


बच्चे न हों बोर, इसलिए उठा सकते हैं यह कदम


सोने और जागने में आधे-एक घंटे की छूट देने के अलावा बच्चों का रुटीन लगभग स्कूली दिनों जैसा ही रखें।


बच्चों को रोजाना 2-3 घंटे पढ़ने को कहें । मुमकिन हो तो अगली क्लास की किताबें लाकर बच्चों को दे दें। इससे स्कूल खुलने पर वे पहले से ही काफी लेसन पढ़ चुके होंगे।


बाकी के 2-3 घंटों के टाइम में उनके लिए पेटिंग्स, हैंडिक्राफ्ट और गार्डनिंग जैसी एक्टिविटी की प्लानिंग कर दें। आप उन्हें कुकिंग या म्यूजिक सीखने के लिए भी प्रोत्साहित कर सकते हैं। इसके लिए यू- ट्यूब से मदद ले सकते हैं।


बच्चे घर में बैठे बोर हो गए हैं। पार्क जाना चाहते हैं, तो वहां ऐसे समय जाएं जब भीड़ न हो, लेकिन सभी के फेस पर मास्क अनिवार्य रूप से हों।


टीवी पर उनकी पसंद का चैनल लगाएं। उन्हें अपने साथ न्यूज न दिखाएं, खुद भी एंटरटेनमेंट करें और उन्हें भी करने दें।


बच्चों से काई मिलने आए या मेड उनके कमरे में जाए तो सबसे पहले उससे हाथ साबुन से धुलवा दें। अगर उन्हें सांस, दिल या शुगर जैसी कोई बीमारी है तो उसकी दवा जरूर वक्त पर दें। ऐसा न हो कि सारा ध्यान कोरोना पर ही रहे और जो बीमारी है, उसका इलाज छूट जाए ।


मेहमान को कर दीजिए अब टाटा बाय-बाय


फिलहाल घर में किसी मेहमान को न ही बुलाएं तो बेहतर है। इसके लिए उन्हें आराम से समझा दें कि कोरोना का खतरा कम होने पर थोड़े दिन बाद मिलते हैं।


अगर कोई मेहमान आ ही जाए तो सबसे पहले उनसे साबुन से हाथ धोने की गुजारिश करें। साथ ही बात करते हुए करीब एक मीटर का फासला रखें। मौजूदा हालात में इस बात का कोई बुरा नहीं मानेगा ।


इसी तरह मेड या ड्राइवर को भी घर में घुसते ही साबुन से हाथ धुलवाएं। उन्हें मास्क भी दें। उनकी तबियत थोड़ी भी खराब हो ता ेन सिर्फ उन्हें छुट्टी दे दें ।


घर से बाहर निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान


इस बात का जरूर ध्यान रखें कि अगर किसी को सर्दी, खांसी, जुकाम या बुखार है तो वह अपने घर से बाहर कतई न निकले। उसे अकेले ही घर में रहना चाहिए। परिवार का सदस्य यदि करीब आता है तो उसे दूरी बनाए रखने की कहें।


मास्क पहनने को लेकर जरूरी टिप्स


मास्क की जरूरत वैसे तो उन्हें नहीं है, जिन्हें न जुकाम, खांसी या बुखार नहीं है। यानी जो स्वस्थ हैं।


लेकिन अगर यह मुमकिन हो कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जा रहे हैं तो नाक और मुंह को रुमाल या स्कार्फ से ढक लें।


यह सिर्फ किसी की छींक या खांसी से फैलने वाले इन्फेक्शन से बचने के लिए है।


अगर कार या बाइक से जा रहे हैं तो...


अगर हेल्थ ठीक है तो ऑफिस जा सकते हैं, लेकिन वर्क फ्रॉम होम ज्यादा बेहतर है।


कार से जा रहे है तो गाड़ी में सैनिटाइजर, साबुन और पानी जरूर रखें ।


जब भी ऑफिस से घर के लिए अपनी गाड़ी में चलें, पहले सैनिटाइजर से गाड़ी के उन पार्ट्स को पोंछ दें जहां पार्किंग वाले ने छूआ हो। इसके बाद हाथ को अच्छी तरह सैनिटाइज या मुमकिन हो तो साबुन से धुला लें।


ऑफिस में की-बोर्ड , माउस और टेबल की सफाई


ऑफिस पहुंचने के बाद लोग सबसे पहले अमूनन कंप्यूटर स्टार्ट करते हैं। इसलिए यह ध्यान रखें कि टेबल, की बोर्ड और माउस को भी सैनिटाइज्ड कर दें। इनकी साफ- सफाई भी जरूरी है।


कुर्सी और टेबल पर रखी तमाम चीजों की सफाई का भी ध्यान रखें।


ऑफिस या बाहर खानपान


खाने से पहले हाथ को अच्छी तरह धो लें।


सिर्फ पानी से धोने से काम नहीं चलेगा। साबुन से 20 सेकंड तक साफ करें।


कोशिश यह होनी चाहिए कि घर के बाहर भी , घर का खाना ही खाएं


घर के बाहर वाला खाना हेल्दी नहीं होता ,वहीं कोरोना वाइरस से इन्फेक्शन की आशंका भी रहती है।