नीट की आरक्षण प्रक्रिया में होगा बदलाव

ग्वालियर । राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-2020) का आयोजन मई में होने जा रहा है। ये परीक्षा देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में अंडरग्रेजुएट कोर्सेस (एमबीबीएस और बीडीएस) में एडमिशन के लिए होती है। अन्य परीक्षाओं की तरह नीट में भी एससी, एसटी, आर्थिक कमजोर वर्ग, दिव्यांग, ओबीसी जैसी श्रेणियों के लिए आरक्षण पहले से ही दिया गया है। लेकिन अब इस आरक्षण प्रणाली में बदलाव होने जा रहा है। सरकार नीट में एक नया आरक्षण देने की तैयारी कर रही है। ऐसा होने पर कई अन्य स्टूडेंट्स को भी फायदा मिलेगा। इस बारे में सरकार ने सदन में जानकारी भी दी है। सरकार ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन लेने वालों में सरकारी स्कूलों से पढ़े स्टूडेंट्स की संख्या काफी कम हो गई है। खासतौर पर नीट के शुरू होने के बाद से। सरकार इस ट्रेंड को खत्म करना चाहती है। इसलिए रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में, स्वास्थ्य एवं विधि विभागों के सचिव सदस्यों को साथ मिलाकर एक समिति बनाई गई हैं । ये समिति सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की मेडिकल कॉलेजों में स्थिति, उनकी सामाजिक परस्थितियों का अध्यनन करने के बाद एक महीने के अंदर अपनी सिफारिश पेश करेगी। दरअसल सरकार नया आरक्षण उन स्टूडेंट्स के लिए लाना चाहती है, जो सरकारी स्कूलों से पढ़े हैं या पढ़ रहे हैं। सरकार के अनुसार, इससे उन स्टूडेंट्स को लाभ मिलेगा, जिन्होंने पहली से 12वीं कक्षा तक किसी सरकारी, निगम, कॉरपोरेशन या वन विभाग द्वारा संचालित स्कूलों में पढ़ाई की हो।