मोहल्ले में ही इलाज की संजवनीः खाद्यमंत्री

ग्वालियर। बीमार व्यक्ति को अब दूर दराज के अस्पताल में नहीं जाना पड़ेगा। न हीं मरीजों को कतार में लगकर इलाज लेना होगा। आपका स्वास्थ्य बेहतर हो और समय पर इलाज मिल सके इसके लिए अब आपके मोहल्ला में आपके इलाज की संजीवनी होगी। जल्द ही चार शहर के नाका पर भी संजीवनी अस्पताल खोला जाएगा। यह बात रविवार की शाम रेशम मिल पानी की टंकी के पास संजीवनी अस्पताल का शुभारंभ करते हुए खाद्यमंत्री प्रदुम्न सिंह तोमर ने कही। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि महिलाएं, बुजुर्गें को इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ती थी। उन्हें उनके ही मोहल्ले में इलाज मिल सके इसका ध्यान रखते हुए अस्पताल खोला गया है। जहां पर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक इलाज मिलेगा। परामर्श से लेकर दवा व जांचे सभी निशुल्क रहेंगी। शुभरंभ के दौरान सीएमएचओ डॉ एसके वर्मा, सिविल सर्जन डॉ डीके शर्मा, 108 के नोडल अधिकारी आईपी निवारिया, कांग्रेस के पूर्व नेताप्रतिपक्ष कृष्णराव दीक्षित, अशोक प्रेमी, सुरेन्द्र चौहान, मेला प्राधीकरण के उपाध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल व धर्मवीर शुक्ला, संदीप प्रधान व स्थानीय लोग मौजूद रहे।


 

तीन संजीवनी अस्पताल खोले जा चुके हैं-


ग्वालियर शहर को शासन की ओर से 6 संजीवनी अस्पताल मिले। जिसमें तीन का शुभारंभ हो चुका है। एक संजीवनी अस्पताल वार्ड-1 बहोड़ापुर में, दूसरा अवाड़पुरा में और तीसरा कांच मील में खोला गया है। बाकी के तीन अस्पताल में से दो पूर्व विधानसभा में खोले जाने हैं और तीसरा दक्षिण विधानसभा के गुढ़ागुढ़ी के नाके पर खोला जाएगा। जबकि उधर पूर्व विधायक मदन कुशवाह भी ग्रामीण क्षेत्र में एक संजीवनी अस्पताल खोलने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट को ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व में मांग की थी।


 

निशुल्क मिलेगा इलाज-


दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक की तर्ज पर खोलीं जा रहीं संजीवनी अस्पताल में इलाज निशुल्क मिलेगा। जहां पर एक डॉक्टर, स्टाफ नर्स, कंपाउंडर, फार्मासिस्ट तैनात किया गया है। संजीवनी अस्पताल में कागज का प्रयोग नहीं होगा। परामर्श के साथ ही दवा व जांच फ्री होंगी। मरीजों का रिकॉर्ड ऑन लाइन होगा। इसके लिए स्टाफ को टेबलेट दिए गए हैं।