मनावर / खरगोन जिले की भोगांवा निपानी निवासी मनावर उपजेल में पदस्थ महिला प्रहरी की उसी के प्रेमी ने चाकू से गाेदकर हत्या कर दी। पांच साल पहले एक मिस्ड काॅल से दाेनाें में दाेस्ती हुई, उसके बाद वाट्सएप चैटिंग हाेने लगी। दाेस्ती जल्द ही प्रेम में बदल गई। तय हुअ कि लड़की की नाैकरी लगते ही दाेनाें शादी कर लेंगे लेकिन नाैकरी लगने के बाद लड़की मिलने में अनाकानी करने लगी, इसी से परेशान हाेकर प्रेमी ने वारदात काे अंजाम दे दिया। हत्या करने के बाद खुद थाने पहुंचा अाैर सरेंडर कर दिया। युवक बाेला-उसकी बेवफाई से मेरे लिए जीने का मकसद नहीं बचा था, इसलिए उसे मार दिया। मनावर उपजेल में जेल प्रहरी के पद पर अक्टूबर 19 में ही रानू पिता संतोष वर्मा निवासी भोगांव निपानी जिला खरगोन हाल मुकाम ग्रीन गार्डन कॉलोनी की पाेस्टिंग हुई थी। रविवार सुबह आरोपी तेजू पिता अमरनाथ मौर्य निवासी पोगरी, सुहागपुर जिला शहडोल ने 20 से 25 वार कर उसकी हत्या कर दी। रानू यहां किराए के मकान में रहती थी।
छात्राओं ने चीख सुनी ताे मकान मालकिन काे बताया
आसपास रहने वाली छात्राओं ने तीसरी मंजिल पर रहने वाली रानू की चीख सुनी तो मकान मालकिन को बताया। रानू का दरवाजा बंद था। ठोका तो कोई आवाज नहीं आई। उन्होंने रानू वर्मा के परिचितों तथा जेल स्टाफ को फोन लगाया। स्टाफ के लोग जब पहुंचे। सूचना पर पुलिस आई, कोने से दीवार तोड़कर दरवाजा खाेला। रानू खून से लथपथ पड़ी थी। गले में रस्सी बंधी थी। कमरे में खून बिखरा हुआ था। हत्या करने के लगभग दो घंटे बाद हत्यारा तेजू पुलिस थाने पहुंचा। ड्यूटी जवान को कहा- मैंने हत्या की है गिरफ्तार कर लो।
कुछ दिन पहले हुआ था विवाद, 12 मार्च से आया था तेजू
कुछ दिन पूर्व उनके बीच में विवाद हुआ था तब मामला थाने तक गया था। दोनों ने समझौता कर लिया था। तेजू का कहना है वह 12 मार्च से मनावर आया है। रानू के कमरे पर ही रुका था। दोनों के बीच तकरार हुई और सुबह बात ज्यादा बढ़ गई। रानू ने उसे धमकी दी वह जान दे देगी। उसने गुस्से में आकर उस पर छूरे से वार कर दिया और भाग गया।
परिवार की पहली लड़की जिसकी पुलिस में लगी थी नौकरी
5 माह पहले अक्टूबर 2019 में रानू की सरकारी नौकरी मनावर की उपजेल में महिला जेल प्रहरी के पद लगी थी। पूरा परिवार बहुत खुश था क्योंकि हमारे गांव व परिवार में पहली लड़की है, जिसकी पुलिस में नौकरी लगी थी। पुलिस में नौकरी करना उसका सपना था। इसके लिए वह करीब 4 साल से इंदौर में रहकर आईपीएस की तैयारी कर रही थी। इसकी उसने परीक्षा भी दी लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसका जेल प्रहरी के लिए चयन हुआ था। यह बात रानू पिता संतोष वर्मा के चाचा पूनमचंद्र गंगवाने ने कही। पूनमचंद ने बताया रानू की हत्या के संबंध में जब सूचना मिली तो पूरा परिवार सदमें में आ गया। उसके माता-पिता लगातार रो रहे थे। रानू के प्रेम प्रसंग की बात अफवाह है। वह कभी भी इस चक्कर में न रहते हुए अपने काम व पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान रखती थी। हमारी लड़की की हत्या करने वाले आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रशासन से मांग की जाएगी। उन्होंने बताया रानू से छोटे दो भाई हैं, जो इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। वह परिवार में एक मात्र लड़की थी, जिसके कारण वह सबकी दुलारी थी। रानू के शव को मनावर से रविवार शाम को घर लाया गया। जहां से उसका अंतिम संस्कार टोकसर के नर्मदा तट स्थित गोमुख घाट पर किया गया।
आरोपी तेजू पिता अमरनाथ मौर्य निवासी पोगरी, सुहागपुर जिला शहडोल का निवासी है। जेल प्रहरी रानू वर्मा से मिलने के लिए मनावर आया था। प्रेम प्रसंग में हत्या हुई है। मृतिका के घर से आरोपी का सामान खून से सने कपड़े जब्त किए हैं। मामले की जांच की जा रही है।
एमपी वर्मा, थाना प्रभारी मनावर
गर्दन पर गहरा घाव था मृतिका के शरीर पर 22 से 25 घाव थे। गर्दन में भी एक गहरा घाव था जिसके कारण उसकी मौत हुई। जिस प्रकार से शरीर पर चाकू के घाव दिए गए उससे ऐसा लगता है मारने वाले ने क्रूरतापूर्वक वार किए हैं।
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