भोपाल। केंद्र सरकार द्वारा बालिकाओं के लिए शुरू की गई बहुचर्चित 'सुकन्या समृद्धि' योजना में मध्य प्रदेश ने देश के सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। बेटी की पढ़ाई और उसके सुखद भविष्य को सुनिश्चित करने वाली इस महत्वाकांक्षी योजना से अब तक करीब तीन लाख परिवारों को जोड़कर मप्र अव्वल बना हुआ है। 'सुकन्या समृद्धि' खाता मैच्योर होने पर बेटी को लाखों रुपये मिलते हैं जो उच्च शिक्षा और उसके विवाह के खर्च में मददगार होते हैं।
पांच साल पहले शुरू हुई थी योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पांच साल पहले शुरू की गई इस योजना में मप्र को यह रुतबा लगातार दूसरी बार मिलेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना में डाक विभाग के कर्मचारियों और डाक सेवकों ने गांव-गांव जाकर 'सुकन्या समृद्धि' के बारे में लोगों को जागरूक किया। इस मुहिम में विभाग के अधिकारी राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन को भी जोड़ने में सफल रहे। यही वजह है कि उसे तीन लाख बेटियों के अभिभावकों को योजना समझाना आसान हो गया। बताया जाता है कि मप्र के बाद महाराष्ट्र का नंबर आता है। देश के बाकी राज्यों की स्थिति और नीचे है। डाक विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने गांवों के हाट बाजारों और सरकारी मेला-प्रदर्शनियों में भी पहुंचकर लोगों को 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' की अहमियत समझाई।
आंगनबाड़ियों से मिली नई ऊंचाई
डाक विभाग के निदेशक एस. शिवराम कहते हैं कि 'सुकन्या समृद्धि' के अकाउंट खोलने में हमें महिला एवं बाल विकास विभाग के अलावा सभी जिला कलेक्टरों ने भरपूर मदद की। आंगनबाड़ियों के माध्यम से इस अभियान को नई ऊंचाई हासिल हुई। उन्होंने बताया कि पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में मप्र 4.70 लाख खाते खोलकर देश में अव्वल रहा था। इस साल भी हम काफी आगे हैं, अब तक करीब 2.95 लाख खाते खुल चुके हैं। 31 मार्च तक हमने 3.50 लाख का आंकड़ा छूने का टारगेट रखा है।
यह है सुकन्या समृद्धि
'सुकन्या समृद्धि' बचत योजना बेटियों की शिक्षा और उनके शादी-ब्याह के लिए रकम जुटाने में मदद करती है। बेटी की उम्र 10 साल होने से पहले न्यूनतम 250 रुपये से 15 साल के लिए खाता खुलवाया जा सकता है। अधिकतम डेढ़ लाख रुपये प्रतिवर्ष खाते में जमा कर सकते हैं। किसी भी डाकघर अथवा बैंक में जाकर यह खाता खुलवाया जा सकता है। बेटी की उम्र 18 से 21 साल होने तक इसे जारी रख सकते हैं।
एक हजार रुपए जमा करने पर 5.80 लाख रिटर्न
सुकन्या समृद्धि खाते में जमा राशि पर 8.5 फीसदी ब्याज जुड़ता है। हर महीने यदि एक हजार रुपए जमा कराए जाएं तो 15 साल के दौरान खाते में 1.80 लाख रुपये जमा होते हैं, लेकिन ब्याज जुड़कर बेटी को 5.80 लाख रुपए मिलते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना में मप्र दूसरी बार सर्वाधिक खाते खोलने का रिकॉर्ड बनाने को अग्रसर है। इसका श्रेय डाक विभाग के अधिकारी और हजारों कर्मचारियों की मेहनत को जाता है। राज्य सरकार के अधिकारियों का भी इसमें उल्लेखनीय सहयोग शामिल है। - जितेन्द्र गुप्ता, चीफ पोस्ट मास्टर जनरल, मप्र परिमंडल