महिलाएं जलवायु परिवर्तन रोकने में अहम भूमिका निभा सकती हैं: अमृता सिंह

भोपाल । प्रकृति को सहेजना व बचाना जरूरी हो गया है। महिलाएं दूसरे लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करके जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी महिलाएं जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए काम करने का संकल्प लें। मनुष्य के जीवन से भी ज्यादा बड़ा जीवन प्रकृति का है। नर्मदा पर संकट का बादल मंडरा रहे हैं। यदि रेत खनन सिलसिला जारी रहा तो आने वाली पीढ़ी नर्मदा नदी के बारे में किताबों पर पढ़ेगी। यह बात नेहरू नगर स्थित विज्ञान भवन में 'वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय नवाचार एवं सतत विकास लक्ष्यों का क्रियान्वयन विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन मौके पर वरिष्ठ पत्रकार अमृता सिंह ने कही। मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) एवं पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) भोपाल सहित अन्य संस्थाओं के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला विज्ञान क्षेत्र में काम करने वाली तीन महिलाओं का सम्मान किया गया। एमएलबी कॉलेज की प्रोफेसर सीमा रायजादा, सांइस सेंटर ग्वालियर संस्था की सचिव संध्या वर्मा और पत्रकार अफसाना अहमद का सम्मान किया गया। कार्यशाला में देश व प्रदेश के 150 वैज्ञानिकों ने शोध पेपर प्रस्तुति किए। एमएलबी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ प्रवीण तामोट ने ग्रीन टेक्नालॉजी, नीड ऑफ डे विषय पर व्याख्यान दिए। कार्यक्रम में मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ आरके आर्य, डॉ अनिता तिलवारी सहित बड़ी संख्या में वैज्ञानिक उपस्थित थे।