कांग्रेस ने कमलनाथ की तारीफ वाले तीन विधायकों के पुराने वीडियो दिखाए, कहा- दबाव में हैं सभी विधायक

भोपाल / मध्यप्रदेश में सियासी गुणा-गणित के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी जारी है। मंगलवार सुबह बेंगलुरु में सिंधिया गुट के विधायकों ने प्रेस कॉफ्रेंस की। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर पक्षपात के आरोप लगाए। जवाब में कांग्रेस के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने दोपहर में प्रेस कॉफ्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में मौजूद विधायक दबाव में हैं। उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है। पहले उन्हें छुड़वाया जाए। शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि बेंगलुरु में बंधक बनाए गए 16 विधायकों के परिजन मुख्यमंत्री से मिले थे। इसलिए कमलनाथ ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और कर्नाटक के डीजीपी को पत्र लिखकर उन्हें छुड़वाने की मांग की थी। इसके बाद कांग्रेस ने बागी हुए तीन विधायक गोविंद सिंह, इमरती देवी और तुलसी सिलावट के पुराने वीडियो भी दिखाए। इन वीडियो में तीनों विधायक कमलनाथ की तारीफ करते हुए नजर आए। शर्मा ने कहा कि यह वीडियो नमूना है। विधायकों का मन भी एक हफ्ते में कैसे बदल गया? उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने शपथ लेने के एक घंटे के अंदर किसानों का कर्ज माफी पर निर्णय किया था। बिजली की दरों को सस्ता किया गया। कमलनाथ सरकार ने किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया। शर्मा ने यह भी कहा कि विधायकों को बेंगलुरु से नहीं बल्कि भोपाल से प्रेस कॉफ्रेंस करनी चाहिए थी। प्रदेश में 70 हजार करोड़ रुपए का निवेश आया है। प्रदेश के 87 प्रतिशत लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा की तारीफ करने पर उन्होंने कहा- इसमें भाजपा का पानी बोल रहा है। बागी विधायकों की सुरक्षा की मांग पर उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें सुरक्षा देने के लिए तैयार है। वहीं, कांग्रेस नेता अभय तिवारी ने कहा कि बेंगलुरु में विधायक दबाव में नहीं होते तो वे मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते। जब वो वापस आ जाएंगे तो फिर से कांग्रेस की तारीफ करेंगे। हमारे पक्ष में ही वोटिंग करेंगे। वहां वो सभी विधायक दबाव में बोल रहे हैं।