इंदौर / हनीट्रैप मामले को लेकर हाईकोर्ट में दायर विभिन्न जनहित याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई की गई। एसआईटी चीफ राजेंद्र कुमार ने कोर्ट में बताया कि हमने सभी दस्तावेज आयकर विभाग को सौंप दिए हैं। वहीं, अब तक जब्त इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स के क्लोन तैयार कर लिए गए हैं। आयकर विभाग चाहे तो इनकी जांच कर सकता है। हाईकोर्ट ने आयकर को आदेश दिए कि वे एसआईटी के दफ्तर में जाकर दस्तावेजों की जांच कर सकते हैं। जस्टिस सतीशचंद्र शर्मा, जस्टिस शैलेंद्र शुक्ला की डिविजन बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मनोहर दलाल, लोकेंद्र जोशी और धमेंद्र चेलावत पैरवी कर रहे हैं। पिछली सुनवाई पर आयकर विभाग ने आपत्ति ली थी कि एसआईटी ने पूरे दस्तावेज पेश नहीं किए हैं। पेज का क्रम सही नहीं है। कई दस्तावेज गायब लग रहे हैं। इस पर हाई कोर्ट ने एसआईटी चीफ को हाजिर होकर स्थिति साफ करने को कहा था। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए अब एक अप्रैल की तारीख तय की है। इस मामले को लेकर चार याचिकाएं विचाराधीन हैं।एसआईटी चीफ के अलावा डीआईजी रुचिवर्धन मिश्रा, एसपी अवधेश गोस्वामी भी हाईकोर्ट में उपस्थित थे। एसआईटी चीफ और डीआईजी ने भी एक सीलबंद लिफाफा कोर्ट को सौंपा है।
जब्त इलेक्ट्रॉनिक्स दस्तावेजों के क्लोन देखेगा आयकर विभाग, एसआईटी के दफ्तर में जांच करने के हाईकोर्ट ने दिए आदेश
• ANWAR KHAN