ग्वालियर। जनता कर्फ्यू में पूरा शहर सूनसान हो गया। गली -गली में तक सन्नााटा पसरा रहा। कोरोना से बचाव के लिए लोग घरों से नहीं निकलने तो नगर निगम प्रशासन ने इसमें अपना बेहतर योगदान दिया। रविवार के कारण अधिकांश सफाई कर्मचारी छुट्टी पर रहते हैं। इसलिए कई क्षेत्रों में झाड़ू नहीं लग सकी। हालांकि कोरोना वायरस से बचाव के लिए कुछ कर्मचारियों ने नैतिक जिम्मेदारी समझी और अपनी छुट्टी रद्द कर दी। वे सुबह से ही अपने-अपने क्षेत्रों में झाड़ू लेकर पहुंच गए। लोगों के स्वास्थ्य की चिंता में उन्होंने गलियों से लेकर सड़कों की सफाई की। कचरा उठाया। प्रमुख बाजारों में तो रात को ही झाडू लगा दी गई थी। फिर भी सुबह झाड़ू लगाई गई। निगम प्रशासन ने रविवार को दवा छिड़काव व फॉगिंग पर ज्यादा जोर दिया। निगम ने सोडियम हाइपो क्लोराइड दवा का छिड़काव कराया। इसके अलावा फॉगिंग भी कराई। अपर आयुक्त नरोत्तम भार्गव सहित निगम के स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी दोपहर तक फील्ड में मॉनिटरिंग करते रहे। ईको ग्रीन कंपनी के कर्मचारियों को भी निगम प्रशासन ने हिदायत दी थी। इसलिए कंपनी के कर्मचारी और गाड़ियां भी कचरा लेने निकलीं।
रविवार को नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग को छोड़कर अन्य विभागों के अधिकारी फील्ड में कम नजर आए। अपर आयुक्त भार्गव व स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारी श्रीकांत कांटे ने बताया कि निगम की 22 मशीनें फॉगिंग, 15 जेटिंग तथा 55 पंपों से फॉगिंग कराई। कचरा सफाई के लिए रोज की तरह अन्य संसाधन लगा रहा। यह अभियान जारी रहेगा।
कम निकला कचरा, मिली राहत
शहर में लॉक डाउन था। प्रधानमंत्री के आव्हान पर रविवार को सुबह से ही लोग घरों से नहीं निकले। बाजार बंद रहे। इसलिए अन्य दिनों की तुलना में 25 फीसदी ही कचरा निकला। निगम ने कचरे के ढेर भी साफ करवा दिए।