भोपाल । शहर में चल रहे निर्माण कार्यों पर भी कोरोना वायरस का असर पड़ रहा है। दरअसल, छोटे तालाब पर बन रहे आर्च ब्रिज का काम रुक गया है। ब्रिज के निर्माण के लिए चीन से करीब साढ़े छह करोड़ रुपये की केबल मंगाई गई थी। इन केबलों की फिटिंग का काम चीन के इंजीनियर की देखरेख में किया जाना है। लेकिन कोरोना वायरस के कारण चीन के इंजीनियर नहीं आ पा रहे हैं। इस कारण फिटिंग का काम रुक गया है। अधिकारियों ने बताया कि ब्रिज के आर्च ब्रिज की केबलों को निर्माण चीन के लूझू सिटी में कराया गया था। इनका निर्माण ओवीएम कंपनी ने किया है। अनुबंध के मुताबिक केबल से गर्डर को उठाने, फिटिंग करने व बेलेंसिंग करने का काम चीनी कंपनियों के इंजीनियर्स द्वारा किया जाना है।
मुंबई के इंजीनियरों से किया जा रहा संपर्क
बीते दिनों संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने निगमायुक्त बी विजय दत्ता व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया था। कोरोना के कारण ब्रिज के निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाने की बात अधिकारियों ने कही थी। इस पर नियमायुक्त ने विकल्प निकालने का निर्देश दिया था। लिहाजा, स्मार्ट सिटी कंपनी ने मुंबई की केबल स्टे ब्रिज का निर्माण करने वाली कंपनियों से बातचीत शुरू कर दी है।
पहले भी दो बार हो चुके हैं चीनी इंजीनियरों के दौरे
आर्च ब्रिज को लेकर कोरोना वायरस फैलने से पहले चीनी कंपनी के इंजीनियर्स ने मौका मुआयना किया था। दोनों ही दौरे एक साल पहले किए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि पहला दौरा ब्रिज की डिजाइन व निर्माण स्थल को देखने के लिए और दूसरा दौरा चीन से सप्लाई की गई केबलों के साथ हुआ था। इन्हें तीन चरणों में लगाने की रूपरेखा तैयार की गई है।
विस्थापन के लिए भी प्लान हो रहा तैयार
ब्रिज की एप्रोच रोड का काम विवाद के कारण अटका हुआ है। एप्रोच रोड में मलेरिया दफ्तर के पास बने मकान बड़ी बाधा हैं। इसके लिए दो तरह की प्लानिंग की जा रही है। पहला यह कि इन मकानों के विस्थापन के कुछ चिन्हित स्थानों के चयन की सुविधा लोगों को दी जाए। दूसरा निर्माणाधीन एप्रोच रोड का डिजाइन बदलकर समस्या का समाधान निकाला जाए। शनिवार को निगमायुक्त ने सिविल शाखा के अधीक्षण यंत्री पीके जैन के साथ मौका मुआयना भी किया था।
आर्च ब्रिज में केबल लगाने का काम चीनी कंपनी के इंजीनियर्स की देखरेख में होना है। निर्माण कार्य में देरी न हो इसके लिए हम देश की बेहतर कंपनियों के एक्सपर्ट से संपर्क कर रहे हैं। मुंबई की कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है।
ओपी भारद्वाज, चीफ इंजीनियर, स्मार्ट सिटी कंपनी