भोपाल । होलिका दहन की रात को जगमग करने चांद बेहद खास होगा। फाल्गुन की पूर्णिमा की रात को साल की दूसरी सबसे चमकदार रात बनाने 3.57.404 किमी दूर स्थित चांद सुपरमून होगा। होलीमून कार्यक्रम में विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि चंद्रमा सोमवार को शाम 6 बजकर 10 मिनट पर पूर्व दिशा में उदित होकर सुबह 6 बजकर 21 मिनट पर पश्चिम में अस्त होगा। अंडाकार पथ पर पृथ्वी की परिक्रमा करता पूर्णिमा का चांद जब 3.61.885 किमी से कम दूरी पर हो तो इसे सुपरमून कहा जाता है। यह माइक्रोमून की तुलना में 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत ज्यादा चमकदार दिखेगा। सारिका ने बताया कि रात्रि समाप्ति पर जब यह सुपरमून अस्त हो रहा होगा तो पूर्वी आकाश में जुपिटर, सेटर्न, मार्स और मरकरी एक साथ आकाश में दिखकर अपना रंग भर रहे होंगे। 99.7 प्रतिशत चमक वाले सुपरमून को यादगार बनाने फोटोग्राफी की जा सकती है। मून इलुजन की घटना के कारण चंद्रमा विशाल गोले के रूप में दिखेगा। सुपरमून के सामने होली थीम पर भीड़ से दूर किसी वृक्ष, इमारत की फोटोग्राफी करके अपनी फोटो पर आप हजारों लाइक्स पा सकते हैं।