जौनिया। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसका कारण उनके गांव में बने उपस्वास्थ्य केंद्रों का बंद पड़े होना है। जिससे स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी से ग्रामीण वंचित हैं। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की इस ओर लापरवाही ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। विभाग द्वारा उपस्वास्थ्य केंद्रों पर कोई ध्यान न देने से वहां ताले डले देखे जा सकते हैं। हाल ही में समाचार पत्रों में खबर के बाद जौनिया उपस्वास्थ्य केंद्र को खुलवाने की कार्रवाई की गई थी। लेकिन अभी भी क्षेत्र के अधिकांश केंद्र बंद ही है। नईदुनिया ने जब जायजा लिया तो ग्राम दिगुवां, इगुई, पडरी, परसोंदा गुर्जर, सेंगुवा, पीएचसी उनाव के नुनवाह आदि उप स्वास्थ्य केंद्रों पर ताले लटके मिले।
कोरोना को लेकर ग्रामीण चिंता में
उपस्वास्थ्य केंद्रों के बंद होने के कारण ग्रामीणजन अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि इस महामारी के बारे में उन्हें सिर्फ टीवी, मोबाइल व समाचार पत्रों से ही जानकारी मिल पा रही है। जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अधिकृत जानकारी देने के लिए महकमे का कोई कर्मचारी अभी तक उनके पास नहीं आया। वहीं स्वास्थ्य केंद्र पर ताला डले रहने के कारण सर्दी जुकाम आदि से पीडि़त लोगों को दवा भी नहीं मिल पा रही। ग्रामीणों की मांग है कि विभाग को ग्रामीणों के स्वास्थ्य की भी चिंता करना चाहिए। इसके लिए केंद्रों पर तत्काल स्टाफ पदस्थ करने की कार्रवाई की जाए।