भोपाल । अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर रविवार को महिलाओं ने सशक्तिकरण की एक और इबारत लिख दी। भोपाल मंडल में पहली बार ऐसा हुआ जब मालगाड़ी की कमान महिलाओं नें संभाली। लोको पायलट, सहायक लोको पायलट व गार्ड तीनों महिलाएं थीं। 59 डिब्बों की 5 हजार टन कोयले से लदी मालगाड़ी को महिला रेलकर्मी हबीबगंज से बीना तक लेकर गईं। सभी कर्मचारी महिलाएं थीं, इसलिए रेलवे ने मालगाड़ी का नाम पिंक ट्रेन रखा था। महिला गार्ड पूजा चतुर्वेदी ने सुबह 10 बजे जैसे ही हरी झंडी दिखाई लोको पायलट नूतन कुमारी मालगाड़ी को लेकर चल पड़ीं। सहायक लोको पायलट नेहा श्रीवास्तव भी हरी झंडी दिखाते हुए रवाना हुईं। रेलवे के अफसरों ने बताया कि मंडल में मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन पिछले सालों में महिला दिवस पर सिर्फ महिलाओं से कराया जा चुका है। अब मालगाड़ी की बागडोर उन्हें सौंपी गई। अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी तौर पर मालगाड़ी का संचालन मेल/एक्सप्रेस से ज्यादा कठिन होता है। लोको पायलट नूतन ने कहा कि रेलवे ही नहीं महिलाओं ने हर क्षेत्र में एक से एक कठिन काम किया है। मालगाड़ी चलाना तो बहुत छोटी बात है। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक उदय बोरवणकर ने तीनों महिला कर्मियों को महिला दिवस की बधाई दी।
59 डिब्बों की मालगाड़ी को तीन महिलाओं ने दौड़ाया
• ANWAR KHAN