धरने को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि सरकार आपके साथ है। नरेंद्र मोदी चुने हुए देश के प्रधानमंत्री हैं तो मैं भी प्रदेश की जनता द्वारा चुना गया मुख्यमंत्री हूं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी व्यक्ति को डिटेंशन सेंटर में नहीं जाने दिया जाएगा, अगर जाना पड़ा तो प्रदेश का मुखिया होने के नाते आपसे पहले मैं वहां जाऊंगा। उन्होंने कहा कि धरने पर बैठे किसी भी व्यक्ति को घबराने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस और प्रदेश सरकार आपके साथ है।
गहलोत ने सीएए की चर्चा करते हुए कहा कि जो बात टेक्निकल रूप से लागू ही नहीं हो सकती, उसे लागू करने का क्या तुक है। यह देश के संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। केंद्र सरकार को जन भावना समझकर कोई भी कानून बनाना चाहिए। असम में एनआरसी लागू होने का वहां की भाजपा सरकार ही विरोध कर रही है। वहां हिंदू हो या मुसलमान सभी लोगों को काफी परेशानी हुई है। भाजपा पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए गहलोत ने कहा कि वे देश को तोड़ने की बात करते हैं और कांग्रेस देश को जोड़ने की बात करती है।
गहलोत ने दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम की चर्चा करते हुए कहा कि दिल्ली के लोगों ने भाजपा को सबक सिखा दिया। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा 16 केंद्रीय मंत्री, तीन-चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने चुनाव प्रचार किया, लेकिन उन्हे निराशा हाथ लगी। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ लोगों को भड़काने का काम करते हैं। इस मौके पर कांग्रेस विधायक अमीन कागजी और विभिन्न अल्पसंख्यक संगठनों के नेता मौजूद थे।