अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया, ऐलान के बाद कांग्रेस में बढ़ी टेंशन


अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया, ऐलान के बाद कांग्रेस में बढ़ी टेंशन







टीकमगढ़/ कांग्रेस एक बार फिर से टेंशन बढ़ गई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अब अपनी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने साफ ऐलान कर दिया है कि अगर सरकार वचन पत्र में किए गए वायदे को पूरा नहीं करती है तो मैं भी आपके साथ सड़क पर ऊतरूंगा। दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया गुरुवार को टीकमगढ़ जिले के दौरे पर थे।

ज्योतिरादित्य सिंधिया जब टीकमगढ़ में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, तब अतिथि शिक्षक वहां हंगामा करने लगे। इस पर सिंधिया ने कहा कि थोड़ा धीरज रखें, जल्द ही उन्हें तोहफा मिलेगा। साथ ही यह भी कहा कि अगर अतिथि शिक्षकों को उनका हक नहीं मिला तो उनके साथ सड़क पर उतरकर धरना देंगे। सिंधिया ने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपकी मांग हमारे सरकार के घोषणापत्र में शामिल है और यह हमारा पवित्र पाठ है।

पार्टी को भी सिंधिया ने दी है सलाह:-

यहीं नहीं दिल्ली में शून्य पर सिमटी कांग्रेस को भी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सलाह दी है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के लिए यह बेहद निराशाजनक है। कांग्रेस को नई सोच और नई रणनीति पर काम करने की आवश्यकता है। देश बदल गया है, इसलिए हमें देश के लोगों के साथ नए तरीके से सोचने और जुड़ने का विकल्प चुनना होगा।

वीडियो भी किया शेयर:-

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विटर पर वह वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें मांगे नहीं पूरी होने पर सड़क पर उतरने की बात कर रहे हैं। जिसमें वह साफ कहते दिख रहे हैं कि आप थोड़ सब्र रखिए, मैं आपके साथ हूं। सिंधिया का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सिंधिया एक बार फिर नाराज हो गए हैं। क्योंकि इससे पूर्व भी उन्होंने किसानों के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा था।

पद को मोहताज नहीं:-

कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया टीकमगढ़ में संत रविदास जयंती में शामिल होने गए थे। उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत रामराजा मंदिर में दर्शन से की। राज्यसभा में जाने और प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सिंधिया परिवार जनसेवा में यकीन करता है। वह पद का मोहताज नहीं होता। एनआरसी पर उन्होंने कहा कि भेदभाव वाला कानून नहीं होना चाहिए।