आदिवासी कला, संस्कृति और साहित्य को संवारने का काम कर रही केंद्र सरकार- उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू

आदिवासी कला, संस्कृति और साहित्य को संवारने का काम कर रही केंद्र सरकार- उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू





मंडला। रामनगर में आज से दो दिवसीय आदिवासी महोत्सव की शुरुआत हुई. कार्यक्रम का शुभारंभ देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने किया. इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल, प्रदेश संस्कृति मंत्री रेणुका सिंह सहित केंद्रीय इस्पात मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और राज्यसभा सांसद संपतिया उइके मौजूद रहीं।


उपराष्ट्रपति श्री नायडू ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि में महान गोंड राजाओं की पावन भूमि को प्रणाम करता हूं. मैं पूरी श्रद्धा के साथ मां नर्मदा को प्रणाम करता हूं. इस पावन भूमि पर आज मुझे उपस्थित होने का जो अवसर मिला है, इसके लिए मैं समूची जनजाति समाज का आभारी हूं. भारत के स्वाधीनता आंदोलन में जनजाति समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा है. महाराजा संग्रामशाह, हृदयशाह जैसे प्रतापी राजा और रानी दुर्गावती, रघुनाथ शाह-शंकर शाह के बलिदान की गाथा स्वर्ण अक्षरों में इतिहास के पन्ने पर अंकित है. मंडला जिला नहीं बल्कि स्वाधीनता संग्राम की रणभूमि का जीवंत इतिहास है।


भारत छोड़ो आंदोलन में किशोर उदयचंद की शहादत हमें देश के लिए मर-मिटने की प्रेरणा देती है. आज ऐसे स्थान पर आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया जाना एक श्रेष्ठ परम्परा की नींव डालना है. हम सबको गोंड़ राजाओं के इतिहास, पुरा एवं धर्म के प्रति उनकी आस्था से अवगत होने का अवसर मिल रहा है. मैं मंडला जिले के समस्त नागरिकों का अभिनंदन करता हूं. रामगढ़ रियासत की रानी अवंतीबाई ने सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में जिस पराक्रम व शौर्य का परिचय दिया था, इतिहास में अमिट है।


रामनगर के इतिहास को पढ़ने और समझने के बाद लगता है कि ये गोंड़ शासक उस कालखंड में हमेशा ज्यादा आधुनिक थे. रामनगर के मोतीमहल, बेगम महल की बात करें या विष्णु मंदिर, चौगान बावड़ी अपने अतीत का वैभव का आज भी समेटे हुए है. वास्तुकला और मूर्तिकला तो बेजोड़ है. मुझे बड़ी खुशी होती है कि बहुत थोड़े में भी जनजातीय समाज खुश रहते हैं. यह संतोष जनजाति समाज का सबसे बड़ा धन है।


जनजाति समाज को मुख्यधारा के साथ चलने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है. मंडला में दो दिनों में जो बातचीत होगी. उससे मिले रिजल्ट से केन्द्र सरकार को अवगत कराया जाएगा ताकि उनकी बेहतरी के लिए कुछ नए और ठोस कदम उठाया जा सके. केन्द्र सरकार आदिवासी युवाओं की कला, संस्कृति को और उनके साहित्य को दुनिया भर में पहुंचाने के लिए प्रयासरत है. इस काम की जिम्मेदारी स्वयं आदिवासी युवाओं की है. मुझे पूरा भरोसा है कि जनजाति समाज लगातार जागृत हो रहा है. शिक्षित हो रहा है और उसे पता है कि कैसे उसे आसमां छूकर सफलता हासिल करनी है. ऐसे युवाओं के लिए हम हौसला अफजाई की कोशिश करते रहेंगे. महोत्सव में शामिल जनमानस को पर्यटन मंत्री ने संबोधित करते हुए तत्कालीन गढ़ मंडला की राजधानी रामनगर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।